Bombay Dar

By Vivek Agrawal

Bombay bargirls and their real stories. Visit the dark lanes of Mumbai dance bars with real characters. A great anthology material.

Web Series

Seasons: 3

Episodes: 24

सुपरिचित पत्रकार विवेक अग्रवाल की यह किताब मुम्बई की बारबालाओं की जिन्दगी की अब तक अनकही दास्तान को तफसील से बयान करती है। यह किताब बारबालाओं की जिन्दगी की उन सच्चाइयों से परिचित कराती है जो निहायत तकलीफदेह हैं। बारबालाएँ अपने हुस्न और हुनर से दूसरों का मनोरंजन करती हैं। यह उनकी जाहिर दुनिया है। लेकिन शायद ही कोई जानता होगा कि दूर किसी शहर में मौजूद अपने परिवार से अपनी सच्चाई को लगातर छुपाती हुई वे उसकी हर जिम्मेदारी उठाती हैं। वे अपने परिचितों की मददगार बनती हैं। लेकिन अपनी हसरतों को वे अकसर मरता हुआ देखने को विवश होती हैं। कुछ बारबालाएँ अकूत दौलत और शोहरत हासिल करने में कामयाब हो जाती हैं, पर इसके बावजूद जो उन्हें हासिल नहीं हो पाता, वह है सामाजिक प्रतिष्ठा और सुकून-भरी सामान्य पारिवारिक जि़न्दगी।
विवेक बतलाते हैं कि बारबालाओं की जि़न्दगी के तमाम कोने अँधियारों से इस कदर भरे हैं कि उनमें रोशनी की एक अदद लकीर की गुंजाइश भी नजर नहीं आती। इससे निकलने की जद्दोजहद बारबालाओं को कई बार अपराध और थाना-पुलिस के ऐसे चक्कर में डाल देती है, जो एक और दोजख है। लेकिन नाउम्मीदी-भरी इस दुनिया में विवेक हमें शर्वरी सोनावणे जैसी लड़की से भी मिलवाते हैं जो बारबालाओं को जिस्मफरोशी के धन्धे में धकेलनेवालों के खिलाफ कानूनी जंग छेड़े हुए है।
किन्नर भी इस दास्तान के एक अहम किरदार हैं, जो डांसबारों में नाचते हैं। अपनी खूबसूरती की बदौलत इस पेशे में जगह मिलने से वे सम्मानित महसूस करते हैं। हालाँकि उनकी जि़न्दगी भी किसी अन्य बारबाला की तरह तमाम झमेलों में उलझी हुई है।
एक नई बहस प्रस्‍तावित करती किताब।

Availability

available

Categories

Publish Date

2018-10-01

Published Year

2018

Publisher Name

Total Pages

148

ASIN

B07JLY1GV9

Format

Paperback

Country

India

Language

Hindi

File Size

885 kb

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